TOP STORIES

वर्ल्ड मीडिया ने क्या कहा दिल्ली प्रदर्शन पर

दिल्ली प्रदर्शन पर वर्ल्ड मीडिया की नजर : सरकार के लिए विरोध को दबाना मुश्किल

वर्ल्ड मीडिया ने क्या कहा दिल्ली प्रदर्शन पर

भारत में SIR को लेकर विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।"

इस मामले को दुनियाभर के मीडिया संस्थानों ने प्रमुखता से कवर किया है। NYT के मुताबिक, पुलिस की कार्रवाई से मोदी की लोकतांत्रिक नेता वाली छवि को झटका लगा है।

अल जजीरा के मुताबिक युवा आंदोलन पीछे हटने को तैयार नहीं है। वॉशिंगटन पोस्ट, और साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट जैसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी टॉप स्टोरीज में इन प्रदर्शन को जगह दी है

।The New York Times  ने लिखा - सत्ता बनाए रखने के तरीके कमजोर पड़े 

भारत में पहले कमजोर पड़ चुका विपक्ष अब फिर सक्रिय हो रहा है। विपक्षी दल युवाओं के आंदोलन से बनी राजनीतिक जगह का फायदा उठाकर अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। शनिवार को दिल्ली में पुलिस की सख्त कार्रवाई के दृश्य दुनियाभर में प्रसारित हुए। इससे PM मोदी की लोकतांत्रिक नेता वाली छवि को झटका लगा।

अखबार के मुताबिक, मोदी समर्थक पहले विरोधियों को कमजोर बताकर या कुछ को आतंकवादी और देशविरोधी कहकर उनके आंदोलन को खारिज करते रहे हैं। लेकिन मौजूदा युवा आंदोलन में समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग शामिल हो रहे हैं। इससे सरकार के लिए प्रदर्शनकारियों को उसी तरीके से निशाना बनाना मुश्किल हो

वॉशिंगटन पोस्ट ने लिखा - मोदी और CEC के खिला गुस्सा

भारत में युवाओं के विरोध-प्रदर्शन के बीच PM मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ गुस्सा बढ़ रहा हैं 

वोटर लिस्ट में बदलाव के विरोध में आंदोलन कर रहे युवाओं ने दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान किया था, लेकिन पुलिस ने जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही कई नेताओं, विपक्षी सांसदों और छात्र कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

यह आंदोलन ऐसे समय तेज हुआ है, जब इससे पहले पेपर लीक के मुद्दे पर हुए युवा प्रदर्शनों के बाद जुलाई में शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा

 अल जजीरा ने कहा - PM के लिए अब तक की सबसे गंभीर चुनौती

ये PM मोदी और उनकी सरकार के लिए अब तक की सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक हैं। पिछले हफ्ते इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद विरोध और तेज हो गया। इसमें बताया गया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के वोटर लिस्ट में किए गए बदलावों पर सवाल उठाए थे।

इन बदलावों के चलते वोटर लिस्ट से करीब 13 करोड़ नाम हटा दिए गए थे। भाजपा का कहना है कि चुनावों में उसकी सफलता मोदी की लोकप्रियता और भारत की आर्थिक तरक्की को दिखाती है। पार्टी ने विपक्ष पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप

 साउथ चाइना  मॉर्निंग पोस्ट ने क्या लिखा - भारत में चुनाव प्रक्रिया पर सवाल

वोटर लिस्ट में करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने की खबर के बाद विरोध तेज हुआ है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वोटर लिस्ट में बदलाव से भाजपा को फायदा पहुंच सकता

शनिवार को दिल्ली में प्रदर्शन रोकने के लिए हजारों पुलिस और पैरामिलिट्री जवान तैनात किए गए, कई मेट्रो स्टेशन और बाजार बंद रहे और 2,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। रिपोर्ट ने इस विरोध को प्रधानमंत्री मोदी के लिए अब तक की गंभीर राजनीतिक चुनौतियों में से एक बताया है।

You might also like!

Leave a Comment